हाथ रस का शौचालय किसी के लिए पिछले दस वर्षों से स्वर्ग बना हुआ है आज मैंने अखबार में पढ़ा ! मैंने कभी स्वप्न में भी नहीं सोचा था कि आज़ाद भारत में जहाँ पर लाखों आवास योजनायें चल रही है उस भारत में किसी को शौचालय को घर बनाना पड़े यह कैसा सर्वजन सुखाय सर्वजन हिताय है !
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